Saturday, 19 December 2015

जीवन

मौत से पहले,मरना मत,
परिणाम से पहले, डरना मत !

रगों में तेरे, खून है,
आलस से, पानी,करना मत !!

उम्मीद, जीत की रखना तू,
स्वाद कर्म का, चखना तू!

तू सोना है, कुछ कम तो नहीं,
एकबार, कसौटी पर रखना तू !!

तुझमे सारे है, भेद छुपे,
तेरा कोई भी, पार नहीं !

दिल में, तूने जो ठान लिया,
कभी जाता वो बेकार नहीं !!

सब दौलत, तेरे दिल में है,
फिर भी तू, मुश्किल में है !

तू ढूंढ़, खज़ाना अंदर का,
फिर राजा, तू हर महफ़िल में है !!

तू जोश जगा और डर को भगा,
सारी बाधाये, छुप जायेंगी !

है कीमत, तेरी हिम्मत की,
राहें फिर, शीश झुकायेगी !!

पत्ता भी, दामन छोड़े ना,
चाहे कितने, तूफ़ान चले !

सूख गये, जो ड़ाल पर,
वो खा, पी कर भी नहीं पले !!

भाग्यशाली हो, तुम कितने,
तनिक इसका तुम, विश्वास करो !

सभी बातें, तुम में भी है,
कभी खुद में, तुम तलाश करो !!

है ज्ञान का, भण्डार तू,
और मेहनत का, पहाड़ तू !

बकरी नहीं, तू शेर है,
कभी खुल के, तो दहाड़ तू !!

कहते है, जबतक सांस है,
तबतक, पूरी आस है !

फिर निकल पड़ो, उस राह पर,
जिस मंज़िल की, तुम्हे तलाश है !!

कुछ कर्म नहीं कर सकते वो,
कहते है ये बकवास है !

जो कामचोर से बैठे है,
बस वो तो जिन्दा लाश है !!

मिला खज़ाना, बहुत तुम्हे,
तुम बाँध पोटली, चले गये !

धर्म, कर्म कुछ, किया नहीं,
फिर कहते हो, कि छले गये !!

ना कभी कोई, उपकार किया,
ना खुद का भी, उद्दार किया !

ना समझे मूल्य, इस काया का,
इस जीवन को, बेकार किया !!

हर सांस में, जीवन होता है,
फिर कैसे तू रोता है !

लिख ले अपनी, तक़दीर अभी,
तू वक़्त से पहले, क्यूँ सोता है !!

बनना हो, तो मिशाल बनो,
ना अनसुलझे, सवाल बनो !

अच्छे कर्मो के, साथ चलो,
आदमी फिर, कमाल बनो !!

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